गाय न गंगा

cow

by — Randhir singh Suman

संघ की नागपुरी प्रयोगशाला का कोई सम्बन्ध गाय की भलाई से नहीं है और न ही गंगा से कोई मतलब है. गाय और गंगा का यह प्रयोग अपने राजनीतिक मुखौटे के वोट बैंक को बढाने के लिए करते हैं. मांसाहार का विरोध इनकी योजना का प्रमुख अंग होता है लेकिन मुनाफे के लिए इनके नेतागण बराबर इस व्यापार में शामिल होते रहते हैं. गेरुआ चोला ओढ़कर यह सारे पाप करना चाहते हैं. अभी हाल में यह खुलासा हुआ है कि बीजेपी के फायरब्रांड नेता संगीत सोम और उनके दो साथियों ने 2009 में अलीगढ़ में मीट प्रोसेसिंग यूनिट के लिए जमीन खरीदी थी। इस बात का खुलासा हिंदुस्तान टाइम्स द्वारा रजिस्ट्री संबंधी दस्तावेजों की पड़ताल में हुआ। दस्तावेज बताते हैं कि अल दुआ फूड प्रोसेसिंग प्राइवेट लिमिटेड नाम की इस कंपनी में सोम भी एक डायरेक्टर हैं।मीट यूनिट की यह फैक्ट्री ‘हलाल मीट का उत्पादन करने वाली बड़ी यूनिट्स’ में से एक है और बेहतरीन गुणवत्ता वाला भैंस, भेड़ और बकरे का मांस उपलब्ध कराती है।

सोम के अलावा मुइनुद्दीन कुरैशी और योगेश रावत नाम के दो लोग जमीन के इस सौदे में शामिल हैं और कंपनी के डायरेक्टर हैं।
देवधर संघी पत्रकार ने यह स्वीकार किया है कि संघ प्रमुख मोहन भागवत समेत प्रमुख प्रचारक मांसाहार करते रहे हैं. उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के उपाध्यक्ष रहे व पूर्व सांसद सत्यदेव सिंह के ऊपर उन्ही के नेतागण आरोप लगाते थे कि उनकी ट्रक्स गोवंशीय जानवरों को कलकत्ता स्लॉटर हाउस लेकर जाती हैं. इस तरह से संघ व भाजपा के लोग मांस व्यापार में हो रहजे मुनाफे को हासिल करने के लिए तथा राजनीतिक लाभ के लिए हिंदी बेल्ट में जनता की भावनाओ को भड़काते रहते हैं लेकिन वह कभी नहीं चाहते हैं कि गौ वंशीय पशुओं की हत्या रोकी जाए. मुनाफा तथा वोटों का रोजगार गाय व मांसाहार से चलता रहे, इसी के लिए वह सदैव कार्य करने के लिए तत्पर रहते हैं. एखलाक को गौ मांस के अफवाह पर यह लोग पिटवा कर मार डालते हैं लेकिन दूसरी तरफ किरण रिजिजू मोदी सरकार के मंत्री हैं वह मांस भक्षण करते हैं तो गंगा स्नान का पुन्य देश को मिलता है.

गोमांस पर प्रतिबंध की मांग कर रहे लोगों को यह कड़वी सचाई पचाने में मुश्किल हो सकती है कि पशुओं को सिर्फ गोमांस खाने वालों के लिए नहीं मारा जाता, बल्कि दवा उद्योग की जरूरतों के लिए भी ऐसा किया जाता है। दवाओं के कैप्सूल, विटामिन की दवाओं और चिकन के चारे में इस्तेमाल होने वाले जेलेटिन को जानवर की हड्डियों और चमड़े की प्रोसेसिंग से बनाया जाता है। एक फार्मा कंपनी के सीनियर ऐग्जिक्युटिव ने नाम न छापने की शर्त पर बताया, ‘किसी न किसी रूप में हम अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में गोमांस कन्ज्यूम करते ही हैं।’इंडिया में ज्यादातर जेलेटिन मेकर्स का कहना है कि वे इसे बनाने में भैंस की हड्डियों का उपयोग करते हैं, लेकिन महाराष्ट्र और हरियाणा में गोवध विरोधी कानूनों को देखते हुए कंपनियों को आने वाले दिनों में परेशान किए जाने का डर सता रहा है। http://navbharattimes.indiatimes.com/business/business-news/ban-on-beef-to-affect-medical-care/articleshow/46671551.cms

दूसरा महत्वपूर्ण मुद्दा गंगा है. गंगा को प्रदूषित करने का काम भी यही लोग सबसे ज्यादा करते हैं. बनारस की हाल की घटना इसका प्रमुख उदाहरण है. एक तरफ तो सरकार गंगा सफाई योजना चला रही है, दूसरी तरफ लाखों टन मिटटी की मूर्तियाँ गंगा से लेकर विभिन्न नदियों में डालने का काम यही लोग कर रहे हैं. माननीय उच्चतम न्यायलय ने साफ़ तौर पर मूर्ति विसर्जन के लिए रोक लगा दी है तो भगवाधारी रूप धारण किये हुए संघी संत, महंत कानून व्यवस्था को न मानते हुए जबरदस्ती नदियों में मूर्तियाँ डालने के लिए प्रसिद्द हैं, बनारस में जब प्रशासन ने रोका तो लाठी चार्ज करने की नौबत आ गयी और जनता को सही बात न बताकर अफवाहें फैलाकर स्वयं अपराधी की भूमिका में आ जाते हैं. ऐसे अपराधियों के खिलाफ कार्यवाई की जाए तो यह चिल्लाने लगते हैं कि हिन्दू धर्म को दबाया जा रहा है.
गंगा या विभिन्न नदियों को सबसे ज्यादा प्रदूषित कारखाने के मालिक करते हैं और उन्ही मालिकों के चंदे से इन तथाकथित संघी संत महात्माओं के चेहरे की लाली बढती है इनकी नियत न आजादी की लड़ाई में साफ़ थी न आज साफ़ है

Sources– http://loksangharsha.blogspot.com/

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6 thoughts on “गाय न गंगा

  • October 12, 2015 at 10:01 am
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    Janab ya to aap kuch Jada hi samajdar hain ya fir logon ko bevkoof samajte ho,
    Hindu sirf gau mans ka virodh karta hai ,usne bull,ox,Bufellow ya goat ke liye kuch nahi bola .to bhai ye dono batin alag alag hai do no ko mix mat karo,
    Duniya main 58 countries hain kahan pig ban hai ,western world main horse nd pets ban hain China main bhi dog ban hai ,to usper Jada behas nahi kayun ki in sabhi country main meat sab khate hain or bechte bhi hain ,ye dual face nahi hai OK.
    Rahi bat Ganga ki usko kisne choda hai Jo gaon uske kinare base hain usmain muslmano ke gaon nahi hain kaya unhone chod diya kaya,
    Sari duniya main religion of peace ne kaya kiya hua hai WO dekho ganga main kuch murtiyan kaya JAL samadi ho gayi hungama ho gaya ….

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  • October 12, 2015 at 10:02 am
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    atao to Sahi kon hai choor to sabhi hain per pehla pathar WO mare jisne paap na kiya ho … Aap ko bata diya Sangeet soom ke bare main ,aap do batani hain ek mochi Hindu hai per gau mass nahi khata ..ek gau mass kahata hai per business nahi karta … Humara manna hai khana or marna

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  • October 12, 2015 at 10:13 am
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    KYA SIRF GAAY KHAANE WAALE KE KHILAF QANUN BANE GA YA JO GOSHT BECH RAHE HAI UN KE KHILAF BHI KUCH HO GA . GAAY KA GOSHT BECHNE WAALE WAHI HAI JO APNE AAP KO GAAY RAKSHAK BOLTE HAI JAISE SANGIT SOM .

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  • October 14, 2015 at 11:37 am
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    पाठको यहाँ कई जगह हमने बज़रंगियो के झूठ दिखलाय हे अब आप देखिये की झूठ बोलने में ये संघी भी कितने माहिर होते हे झूठ सिर्फ ये बेनामी बज़रंगी ही नहीं फैलाते हे बल्कि संघ का राष्ट्रिय मुखपत्र भी बेशर्मी से झूठ फैलाते हे http://panchjanya.com//Encyc/2015/10/12/%E2%80%98%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%97-%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-.aspx इस बार पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्त्ता फौज़िया सईद का बयान वो भी तीन साल पुराना उसे ऐसे पेश किया हे मानो कल ही इन्हे ही इंटरव्यू देकर उन्होंने ये बात कही हो https://www.youtube.com/watch?v=3uWmi6NhpSs देखे फौज़िया सईद की बात 21 : 20 उन्होंने कही जबरस्ती धरमतरण आदि की बात नहीं की ज़बदस्ती की बात ज़बदस्ती इन संघियो ने खुद ही घुसेड़ी

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  • October 14, 2015 at 2:26 pm
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    पाठको यहाँ कई जगह हमने बज़रंगियो के झूठ दिखलाय हे अब आप देखिये की झूठ बोलने में ये संघी भी कितने माहिर होते हे झूठ सिर्फ ये बेनामी बज़रंगी ही नहीं फैलाते हे बल्कि संघ का राष्ट्रिय मुखपत्र भी बेशर्मी से झूठ फैलाते हे http://PANCHJANYA.COM//ENCYC/2015/10/12/%E2%80%98%E0%A4%AA%E0%A4%BE%E0%A4%95%E0%A4%BF%E0%A4%B8%E0%A5%8D%E0%A4%A4%E0%A4%BE%E0%A4%A8-%E0%A4%94%E0%A4%B0-%E0%A4%AC%E0%A4%82%E0%A4%97%E0%A4%B2%E0%A4%BE%E0%A4%A6%E0%A5%87%E0%A4%B6-%E0%A4%95%E0%A5%87-%E0%A4%B2%E0%A5%8B%E0%A4%97-%E0%A4%B9%E0%A4%BF%E0%A4%A8%E0%A5%8D%E0%A4%A6%E0%A5%82%E0%A4%B9%E0%A5%80-%E0%A4%B9%E0%A5%88%E0%A4%82-.ASPX इस बार पाकिस्तानी मानवाधिकार कार्यकर्त्ता फौज़िया सईद का बयान वो भी तीन साल पुराना उसे ऐसे पेश किया हे मानो कल ही इन्हे ही इंटरव्यू देकर उन्होंने ये बात कही हो https://WWW.YOUTUBE.COM/WATCH?V=3UWMI6NHPSS देखे फौज़िया सईद की बात 21 : 20 उन्होंने कही जबरस्ती धरमतरण आदि की बात नहीं की ज़बदस्ती की बात ज़बदस्ती इन संघियो ने खुद ही घुसेड़ी
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  • October 21, 2015 at 4:14 pm
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    गाय के ऊपर हरिशंकर परसाई ने लगभग 3 दशक पहले एक लेख लिखा था, आज के माहौल को देखते हुए लगता है कि ये आज भी प्रासंगिक है.

    “एक गोभक्त स्वामी से भेंट”

    सवाल – स्वामी जी आप तो गाय का दूध ही पीते होंगे ?

    जवाब – नही बच्चा हम भैंस का दूध पीते है। गाय कम दूध देती है और पतला देती है। भैंस के दूध की बढ़िया मलाई और रबड़ी बनती है।

    सवाल – तो क्या सभी गोभक्त भैंस का दूध पीते हैं?

    जवाब – हां बच्चा लगभग सभी।

    सवाल – तब तो भैंस का माता मानना चाहिये आखिर जिसका दूध पियो वही न माता हुई। पर आप लोग गौ को माता मानते हो।

    जवाब – यानी हम भैस को माता — बच्चा तर्क तो ठीक है पर भावना दूसरी है।




    सवाल – खैर छोड़िये मान लो गौ माता आके आंगन मे सूखता गेहूं खाने लगे तो आप क्या करेंगे?

    जवाब – बच्चा उसे डंडा मार कर भगा देंगे।

    सवाल – पर वह तो पूज्य है आपको हाथ जोड़ कर कहना चाहिये “माता मैं कृतार्थ हो गया, सब गेहूं खाजा”

    जवाब – बच्चा क्या तुम हमे मूर्ख समझते हो ?

    सवाल – नही मै तो आपको गो भक्त समझता था।

    जवाब – सो तो हम है लेकिन इतने मूर्ख भी नही कि गेहूं खा जाने दें।

    सवाल – फ़िर स्वामी जी ऐसी कैसी पूजा कि हड्डी का ढांचा बन के फ़िर मोहल्ले मे कागज कपड़ा पालिथिन खाती फ़िरे और जगह जगह खाना चुराने पर पिटे।

    जवाब – यह कोई अचरज की बात नही हमारे यहां जिसकी पूजा की जाती है उसकी दुर्दशा भी की जाती है। यही सच्ची पूजा है, नारी को भी तो पूज्य मानते है कि नहीं उसकी जैसी दुर्दशा वो तो जानते ही हो।

    सवाल – स्वामी जी यह कैसी पूजा विदेशो मे तो पूजते भी नही पर अच्छे से रखते हैं ध्यान रखते हैं।

    जवाब – बच्चा दूसरे देशो की बात छोड़ो, हम बहुत उंचे हैं। देवता इसलिये ही सिर्फ़ हमारे यहां अवतार लेते है। दूसरे देशों मे दूध के लिये और मांस के लिये पाली जाती है हमारे यहां दूध के लिये कम और दंगे के लिये आंदोलन कर सत्ता हथियाने के लिये उपयोग मे लाई जाती है । इसलिये वह पूज्य है माता है। जनता जनार्दन और गौ माता।

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