क्या विलासितापूर्ण जीवन एक मुस्लिम के लिए हराम है?

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हारून याह्या

अपने जीवन में लोग उनकी ही तरह बनना चाहते हैं जिनको वो उच्च गुणवत्ता वाले मानते हैं और वो अक्सर उन्हें ही अपने रोल मॉडल के रूप में स्वीकार करते हैं।

वो उन फ़िल्मी सितारों और कलाकारों की तस्वीरें देखते हैं जो अपने रंग-रूप पर काफी मेहनत करते हैं, और उन्हें पसंद करने के अलावा वो लोग अक्सर इनकी ही तरह ही के स्वाद और यहाँ तक कि उनके विश्वास की भी नक़ल करने की कोशिश करते हैं। हालांकि एकमात्र विश्वास जिसे सीखा जाना चाहिए और जिसकी तारीफ की जानी चाहिए वो इस्लाम है, इसलिए मुसलमान जो इस्लाम धर्म का प्रतिनिधित्व करते हैं उन्हें जहाँ तक सम्भव हो उच्च स्तर वाला जीवन व्यतीत करना चाहिए। इसके विपरीत यानि निम्न स्तर वाले जीवन के बारे में ये कहना कि ये इस्लाम की माँग है, ये अल्लाह की तारीफ करने में नाकामी और कुरान के नैतिक मूल्यों से अलग जीवन बिताने से पैदा हुआ गलत रवैय्या है।

वर्तमान युग की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक ये है कि तकनीकी विकास से कैसे पूरी दुनिया तात्कालिक रूप से संचार की स्थिति में हो सकती है।

अपने कंप्यूटर के सामने अकेला बैठा एक नौजवान ब्राज़ील, अमेरिका, रूस, तुर्की, ब्रिटेन और चीन के लोगों के साथ संपर्क में हो सकता है और वो आसानी से वहां के लोगों के जीवन के तरीके को समझ सकता है।

तेज़ रफ्तार संचार उन कारणों में से एक है जिनकी वजह से मुसलमानों को उच्च जीवन स्तर के लिए कोशिश करनी चाहिए। हर स्थान और हर समय पर उच्च स्तर के जीवन की कल्पना सभी पर सकारात्मक प्रभाव डालती है और किसी के विश्वास में दूसरों की दिलचस्पी के लिए इसने महत्वपूर्ण भूमिक अदा की है।

इसलिए एक उच्च जीवन स्तर का होना इस्लाम के प्रचार का एक महत्वपूर्ण तरीका है।

अल्लाह ने कुरान में बताया है कि कैसे मुसलमानों को साफ कपड़े पहनना चाहिए, अच्छा खाना खाना चाहिए, सुखद माहौल में रहना चाहिए और सबसे महत्वपूर्ण उसे उच्च नैतिक मूल्यों का मालिक होना चाहिए। सभी नबी अपने समय के हालात और अपने संसाधनों के अनुसार अपनी क़ौम के बीच उच्च स्तर वाला जीवन जीने वालों में से थे।

सुलेमान अलैहिस्सलाम के महल की सुंदरता और तकनीकी श्रेष्ठता ने शबा की रानी बिलक़ीस के द्वारा इस्लाम धर्म को स्वीकार करने में बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभायी। हमारे नबी मोहम्मद सल्लल्लाहू अलैहि वसल्लम मेहमानों का स्वागत रोमन पोशाक पहनकर करते थे। हमारे नबी जब गलियों में चलते थे तो लोग आपको आपकी गुलाबों की खुश्बू से पहचान लेते थे। हमारे नबी आँखों में सुरमा लगाते थे और दाढ़ी को सुरुचिपूर्ण तरीके से रखते थे। विज्ञान और करुणा की उच्च अवधारण और उच्च स्तर का जीवन न सिर्फ अरब प्रायद्वीप बल्कि उन सभी जगहों पर पहुँचा जहाँ भी इस्लाम पहुँचा।

मिसाल के तौर पर उच्च स्तर के जीवन की कल्पना स्पेन के अंदलोसिया में उम्वी राज्य के जीवन के हर क्षेत्र में छा गया। अल्लाह की मोहब्बत से प्रेरित अंदलोसिया की वास्तुकला और सभी धर्मों और संस्कृतियों से जुड़े लोगों के प्रति अंदलौस के मुसलमानों का लोकतांत्रिक दृष्टिकोण अब भी पूरे यूरोप के लिए एक मिसाल है।

दुनिया भर में इस्लामी नैतिक मूल्यों का प्रचार प्रसार और विशेष रूप से पश्चिम में लोगों की बड़ी तादाद के द्वारा इसे स्वीकार करना तभी सम्भव हो सकता है जब इस्लाम के बारे में स्थापित झूठी छवि को दूर किया जाए।

अगर कोई व्यक्ति जो किसी पश्चिमी देश में रहता हो और जो हर प्रकार की स्वतंत्रताका फायदा उठाता हो, और कला व विज्ञान का आनंद उठाता हो, जो सुंदरता की प्रशंसा करता हो और जिसके जीवन का एक स्तर हो, उसको अगर ये धारणा दी जाए कि मुसलमान अलगाववादी होते हैं, सौंदर्य का आनंद लेने से बचते हैं और जीवन के आशीर्वादों से परिष्कृत जीवन गुज़ारतें हैं, दुखी, सौंदर्य और संगीत से रहित और आम तौर पर स्थिर जीवन बिताते हैं, तो ऐसा व्यक्ति इस्लाम के प्रति सकारात्मक राय नहीं बना सकता है। अगर जीवन में ऐसी कोई खुशी न हो जो मानव मन को विस्तार दे, और जीवन में अगर कला, सौंदर्य या सौंदर्यशास्त्र न हो तो दुनिया भर के लोगों के लिए इस्लाम की ओर आना मुश्किल हो जाएगा।

उच्च स्तर वाले जीवन का अर्थ महंगी कारें, महल या डिज़ाइनर कपड़े बिल्कुल नहीं है। ऐया व्यक्ति जो इन सभी चीजों का मालिक हो लेकिन अपनी आत्मा में गुणवत्ता की कोई समझ न रखता हो तो वो अच्छी मिसाल नहीं हो सकता।

जो मुसलमान अपने नैतिक मूल्यों और अपनी उपस्थिति से अपने जीवन और वातावरण को सुंदर बनाने में सक्षम है वही सबसे अच्छा तरह से इस्लाम का पालन करने वाला है और ये ईमानदारी इस्लाम की ओर आकर्षित होने वाले बहुत से लोगों के लिए महत्वपूर्ण हो सकती है।

हारून यह्या ने राजनीति, धर्म और विज्ञान जैसे विषयों पर तीन सौ से अधिक किताबें लिखी हैं जिनका लगभग 73 भाषाओं में अनुवाद हो चुका है।
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http://www.newageislam.com/hindi-section/harun-yahya,-tr-new-age-islam/is-luxury-living-unlawful-for-a-muslim?-क्या-विलासितापूर्ण-जीवन-एक-मुस्लिम-के-लिए-हराम-है?/d/97922

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2 thoughts on “क्या विलासितापूर्ण जीवन एक मुस्लिम के लिए हराम है?

  • December 30, 2014 at 7:05 pm
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    बेशक , इस में कोई शक नहीं के इस्लाम विलासिता पूर्ण जीवन गुजारने से मन करता है साथ ही ज्यादा खर्च से भी मन करता है . इस्लाम का कहना है के फ़ालतू खर्च करने से अच्छा है के आप गरीब और जरुरत मंद को सहयता करे ये एक सवाब का काम है .

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  • January 2, 2015 at 7:51 pm
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    इस्लाम भोग विलास के की अधिकता के खिलाफ हे क्यों की धरती के संसधान सबकी जरूरते तो पूरी कर सकते हे मगर चाहते नहीं इसलिए इस्लाम कहता हे की आख़िरत की तैयारी करो सिर्फ दुनियादारी के ही पीछे मत भागो लेकिन ज़ाहिर हे आदर्श अलग होते हे इंसान आदर्शो की बात तो खूब कर लेता हे खुद चलता नहीं हे चलने की जिम्मेदारी वो पडोसी पर डालना चाहता हे जैसे देखे एक ये साहब हे जुनेद जमशेद पाकिस्तान के पॉप सिंगर थे अपने पकाऊ गानो से खूब पकाया बाद में जब संगीत में कोई भविष्य नहीं दिखा तो शायद अरब देशो से बहने वाली पेट्रो डॉलर की नदी में डुबकी मारने के लिए अपना हुलिया बदला और बन गए उपदेशक लेकिन जीवन शैली वही की ( https://www.youtube.com/watch?v=_GOV-j1dneM ) वही पाकिस्तान के सबसे पॉश इलाके में बंगला नमाज़ के लिए भी आलिशान गाडी से जाना जिम स्विमिंगपूल ऐशो आराम की हर चीज़ बच्चे भी ज़ाहिर हे किसी मदरसे में नहीं पब्लिक स्कूलों में ही पढ़ रहे होंगे इनकी एक ज़हालत की बात पर डॉक्टर शाज़िया नवाज़ का एक व्यंगय https://www.youtube.com/watch?v=UJBiGzok1Oo

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